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इश्क की गाथा इतिहास बन जाये।


हवा में कल वाली बात नहीं सुहाने लम्हों का आज साथ नहीं गजलों में हकीकतों का हिसाब नहीं परवाह करने वाले ही जब पराये हो फिर सावन-भादों में भी बूंदो की प्यास नहीं। मुसाफिरों सी टकराहट हुई थी होठों पर हंसी की मिलावट हुई थी दोस्ती की रूह पर, भरोसे की सजावट हुई थी मोहब्बत, पाकीजा, दीवानगी, सादगी, हुस्न, कशिश, दिलकश, हया, इबादत… जाने कितने … Continue reading इश्क की गाथा इतिहास बन जाये।

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मनाही हैं !


कई साल बीते, कुछ महीने छूटे, सप्ताह-दिनों की तो आनी जानी हैं। जीवन के उस अधूरे हिस्से में आज भी, सबके आने की मनाही हैं। सावन-भादो सब बीत गया, होठों पे मुस्कान बेमानी हैं। आम पीपल सब ठूंठ हो गए, नदी रेत से मांगे पानी हैं। सिसकतीं ख्वाइशे, तन्हाई और रुसवाई में, चर्चाओं का चनाचूर गरम हैं। महफ़िलो में सुकून-ए-दिल भी बेंच, रात की आहटों … Continue reading मनाही हैं !

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सुबह-ए-उद्यान (Live From Park)


‘उफ्फ… थक गया यार।‘ पार्क के किसी किनारे पर खाली पड़े कुर्सी पर पसरता, मैं मन ही मन बड़बड़ाते हुए माथे पर छलके पसीने को हाथों से निचोड़ा। पेंट के दाएं पॉकेट की जीप खोल पॉकेट से मोबाईल निकाला। तर्जनी स्पर्श द्वारा मोबाईल पाश खोलने के उपरांत…गूगलवा का कनिष्ट एप्प पुत्र गूगल फिट पर हथोड़ा रूपी अंगुष्ठ प्रहार किया, परिणामस्वरूप एक चीत्कार संग कुछ आकड़े … Continue reading सुबह-ए-उद्यान (Live From Park)

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नारी नहीं, मर्दानी थी, स्वतंत्रता की चिंगारी थी |


हम सभी के जीवन-पुस्तिका के प्रत्येक पन्नो को अपनी भिन्न-भिन्न इंद्रधनुषी भूमिकाओं द्वारा रंगने वाली नारियों को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर असंख्य साधुवाद संग शुभकानाएं। नारी नहीं, मर्दानी थी, स्वतंत्रता की चिंगारी थी | देश के लिए यज्ञ-वेदी में आहुति देने वाली, ये भारतीय महिला स्वतंत्रता सेनानी थी | यह प्रारंभ नही, यह अंत नही, युग-युगांतर के गौरवगाथा की महारानी थी | पार्वती, सीता, उर्मिला, … Continue reading नारी नहीं, मर्दानी थी, स्वतंत्रता की चिंगारी थी |

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तुम आओ न !


तपती धरती की तृष्णा मिटा, पत्तो, लताओं की प्यास बुझा, सोंधी मिट्टी को गले लगाकर, ताजे झोंखो संग पास तू आ। दहाड़, कड़क और चमक धमक संग, जब नाचती-गाती तू इठलाएगी। गांव गली के कृषक-मजदुर, खुशहाली के धुन गुनगुनायेंगे। सूखे तालाब की भूख मिटेगी, नदियों के अच्छे दिन आएंगे। मेरे मन का मोर सब देख, शहर इश्क का सजायेगाँ। सूरज शर्म से लौट गया, चाँद … Continue reading तुम आओ न !

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Live Reporting from Hostel के छत से…


  “भुभउ भुभउ……..पीउभभउु भू-भू-भू…….” कुत्ते रहरह कर भोक रहे हैं..! कुछ इन भू-भू-भू और भुभउ भुभउ के ज़रिये अपनी-अपनी जानेमन कुतिया के लिए प्यार का इजहार कर रहे हैं और कुछ प्यार पाने के लिए लड़ रहे हैं.. शायद ।  धीरे-धीरे रात जवाँ हो रही हैं… शाम को प्रारंभ हुई बारिश अबतक रूक चुकी हैं। बिजली रानी की आंखमिचौली अबतक जारी हैं। थोड़ी बारिश क्या हुई, ऐसा प्रतीत होता … Continue reading Live Reporting from Hostel के छत से…

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सोनचिरया,सोनचिरया, मेरी प्यारी सोनचिरया…


सोनचिरया,सोनचिरया, मेरी प्यारी सोनचिरया… आज फुदक फुदक कर गायेगी, पंखो को फैलाएगी, मेरे आँगन की बगिया महकायेगी, तुलसी-मंडप में हरयाली लाएगी, प्यारी न्यारी बातें करके, शहद शब्दो का चखायेगी, मेरी सोनचिरया फुदक फुदक कर गायेगी, सबका मन बहलाएगी। कभी बात-बेबात को बतंगढ़ बनाकर, खुद ही खुद बड़बड़ाएगी, ख़ामोशी का चादर ओढ़ वो, ओठों को थरथराएगी, सोनचिरया आज किसी को, कुछ भी नहीं सुनाएगी। एक सॉरी … Continue reading सोनचिरया,सोनचिरया, मेरी प्यारी सोनचिरया…

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सच में, तुम हमे दीवाना सा आशिक़ बनाती हो…


तेरी उलझीं-उलझें केश, खुले गीले घुंगराले बाल, चेहरे पर गिरती लटे, लटों का उंगलियों संग खेलना, कान में गिरते लटों को फ़साना, फिर कुछ देर में दुबारा सा फिसलना, सच में, तुम हमे दीवाना सा आशिक़ बनाती हो। नाख़ूनी उंगलियों पर रंगबिरंगी कलाकारी, मोबाइल पर दौड़ती उंगलियों की रेलगाड़ी, बाएं कलाई में महीन सा लाल धागा, पहनी थी छोटी सी घड़ी बड़ी न्यारी, उसपर दौड़ते-कूदते-फांदते … Continue reading सच में, तुम हमे दीवाना सा आशिक़ बनाती हो…

उठो, जागों, कुछ काम करो, कण-कण में देश प्रेम का भाव भरो.।


कोई प्यार करो, कोई प्यार करो, मेरे देश से सब प्यार करो। भष्ट्राचारी और दुराचारियों की फौज से, मेरे देश का तुम उद्धार करो। क्रांतिकारी, वीर-सैनिकों को याद करके, जननी माताओं को प्रणाम करो। आजादी की यज्ञ वेदी में आहुति देने वाले, हर बन्दे को तुम सलाम करो। उठो, जागों, कुछ काम करो, कण-कण में देश प्रेम का भाव भरो..। राते मैंने भी गुजारी हैं, … Continue reading उठो, जागों, कुछ काम करो, कण-कण में देश प्रेम का भाव भरो.।

‘मत रोकी जाय दिही बुलवाता हमार गॉव हो’ – जोखन शर्मा


केतना बरिस से लोगन के, हमनी सब भरली जा पेटवा।हमनी के आज बारी आइल त, खाली रह गइल पेटवा।। केतना बरिस से हमनी के, शहरन खातीर बनवली जा छतवा।हमनी के आज बारी आइल त, उ ना देहलन जा छतवा।। हमनी के का होई, कोई ना जानत बा।जिनगी बेहाल होता, केहू नईखे मानत।। केकरो गाँवे रोवत बाढि बूढ़ी माइ, केकरो घरे बचन आउर धनिया।हमनी के बेहाल … Continue reading ‘मत रोकी जाय दिही बुलवाता हमार गॉव हो’ – जोखन शर्मा

Love U My Odd Number ❤️


मेरी प्यारी Odd Number💓, I Love Youआज हमारे संवाद की शुरुआत, मैं ‘I Love You’ से करना चाहूंगा। इन शब्दों में इतनी विचित्र जादुई ताकत हैं कि जब भी तुम्हारे मुँह से इनका उच्चारण सुनता हूँ, मेरी जिजीविषा सिर्फ दुगुनी अथवा चौगुनी नहीं बल्कि घात और घातांक (Powers And Exponents) लगाकर बहुत ही मजबूत संग अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हैं। बिल्कुल समथिंग टू दी पावर … Continue reading Love U My Odd Number ❤️

मेरी प्यारी Odd Number ❤️


Dear Odd Number❤️, रात के दो बजे हैं। कमरे के संग जीवन की लाइटे भी बुझी सी महसूस हो रही हैं। हालांकि कमरे को कई तरीकों से रोशन किया जा सकता हैं परन्तु तुम्हारे बिना जीवन को कैसे दीप्यमान रखूं समझ नहीं आ रहा। टुकुर टुकुर तुमको निहारते रहने वाली मेरी आंखों से नींद ने आज तनिक अधिक दुरी बना ली हैं। ये तनिक दूरी … Continue reading मेरी प्यारी Odd Number ❤️

परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई कैसे करनी चाहिए?


प्यारी छोटी/छोटे, अशेष आशीष.. समय समय पर आपकी अनेकों पत्र मुझें मिलती रहती हैं। विविधता पूर्ण प्रश्नों को देख मन रोमांचित हो उठता हैं। कितने क्रिएटिव और चीजों को जानने के उत्सुक हो यार आप। विगत दिनों आपने प्रश्न किया था “वार्षिक परीक्षा दस्तक दे रही है । एक विदयार्थी को किस तरह से पढ़ाई करनी चाहिए ?” हालांकि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, विगत … Continue reading परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई कैसे करनी चाहिए?

प्यार भी एक ही बार होता हैं…?


विभिन्न काल में प्यार की तुलना तरह तरह से की गई हैं। किसी ने प्रेम को पूजा बताया हैं तो कईयों ने धोखा। मेरा मानना हैं कि प्रेम  समथिंग कुछ-कुछ टाइप का कुछ हैं। यथा मानों किसी ग्रीष्मकालीन शाम में हल्की-हल्की बहती हवा की शीतल झोंका…जो बालों को सहलाते हुए रोम रोम से खेल जाती हैं। यह कड़ाके की ठंड में अलाव और गर्मागर्म अदरक … Continue reading प्यार भी एक ही बार होता हैं…?

हथेली पर तुम्हारा नाम…. लिखते हैं मिटाते हैं।


छुपाना भी नहीं आता जताना भी नहीं आता हमें तुमसे मोहब्बत हैं बताना भी नहीं आता…. शनिवार की एक शाम है। यूं ही कोई 5 -5:15PM का समय होगा। नभ में खूबसूरत धूप, काले बादलों से नज़रे चुराते-चुराते सुनहरी लाल हो चुकी हैं। बादलों के झुंड से नाना प्रकार के बिम्ब उभर आये हैं। सावन-भादों के इस रोमांटिक शाम में कान वायरलेस हैडफ़ोन से ढके … Continue reading हथेली पर तुम्हारा नाम…. लिखते हैं मिटाते हैं।

शिक्षक यात्रा : मालिक से मजदूर तक


अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् । तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ सभी वेतनभोगी ‘सर’ और ‘मैडम’ सर् लोगों कोHappy Teachers’ Day और गुरुजनों का श्रद्धापूर्वक चरणवन्दन करते हुए…. अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशालाकया । चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ अभी विगत वर्ष की बात हैं…गोवा की विदुषी महामहिम राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा जी को पढ़कर मन गदगद हो गया था। प्रभात खबर में प्रकाशित उनका आलेख, … Continue reading शिक्षक यात्रा : मालिक से मजदूर तक

पाश की कविता: मैं पूछता हूँ….


मैं पूछता हूँ आसमान में उड़ते हुए सूरज से क्या वक़्त इसी का नाम है कि घटनाएँ कुचलती हुई चली जाएँ मस्त हाथी की तरह एक समूचे मनुष्य की चेतना को ? कि हर सवाल केवल परिश्रम करते देह की ग़लती ही हो क्यों सुना दिया जाता है हर बार पुराना लतीफ़ा क्यों कहा जाता है हम जीते हैं ज़रा सोचें – कि हममे से … Continue reading पाश की कविता: मैं पूछता हूँ….

Are you happy now?


विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2019, संयुक्त राष्ट्र के लिए सतत विकास समाधान नेटवर्क द्वारा 20 मार्च को जारी की गई। इस तिथि को संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय खुशी का दिन घोषित किया है।आय, स्वतंत्रता, विश्वास, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, सामाजिक सहायता और उदारता : जैसे छह प्रमुख अवयवों का समर्थन करने वाले 156 देशों को विभिन्न स्थानों पर शुमार किया है। लगातार दूसरे वर्ष सबसे अधिक खुश … Continue reading Are you happy now?

ये खबर छपवा दो अखबार में, पोस्टर लगवा दो बाजार में…


अपने यहाँ आजकल नेताजी लोग जनता के लिए सुबह से लेकर शाम तक, शाम से लेकर रात तक, रात से लेकर सुबह तक और सुबह से फिर शाम तक बस यही गाना गुनगुना रहे हैं… क्यों पैसा पैसा करती है क्यों पैसे पे तू मरती है क्या बात है क्या चीज़ है पैसा क्या बात है क्या चीज़ है पैसा एक बात मुझे बतला दे … Continue reading ये खबर छपवा दो अखबार में, पोस्टर लगवा दो बाजार में…