विदाई का दर्द और सूनापन : रिवाज के विभिन्न रंग (Felling Heart broken and alone at Durga Pandal)

पंडाल वाले साउंड बॉक्स पर दुर्गा अमृतवाणी का पाठ अनुराधा पौडवाल जी कर रही हैं..! विभिन्न अंतराल में भोजपुरी, बंगला और हिंदी वाले देवी भजन बज रहे हैं..! लाइट वाले धीरे धीरे सामान समेटने की तैयारी कर रहे हैं..! मिठाई, Ice-cream,  बादाम, गोलगप्पा वाले भाई लोग अंतिम दिन का चांदी काटने के लिए रामलीला मैदान का रूख कर रहे हैं |जहाँ शाम को रावण दहन का भव्य आयोजन होने वाला हैं | पंडित जी मंत्रोचारण के संग माँ की आराधना में लीन हैं..! दीपक निस्वार्थ भाव से अबतक जल रहा हैं..और प्रकाशमय कमरे में अपने अस्तित्व के लिए बल्ब की रोशनी से दो चार हाथ करने का मन बना रहा हैं !
महिलाओं का एक बड़ा समूह माँ के विदाई हेतु उपस्तिथ हैं, जिनके हाथों मे पूजा की थाली हैं। कुछ भाभियों के संग छोटे बच्चे हैं जो बच्चे को अपनी ननद के हवाले की हुई हैं। बुआ के गोदी मे बैठा बच्चा मंद मंद मुस्कुरा रहा हैं। कभी पैर फेकता ,तोह कभी हाथ। सुन्दर सलोनी बुआ उस नादान परिंदे से बाते करती, गाना गाती, दुलारती, पुचकारती, लोरी गाती, जो किसी को भी बचपन में धकेलने के लिए काफी हैं। हल्दी और सिंदूर की होली खेलने की तैयारी और मन बना कर ये महिलाओं का समूह काफी खूश लग रही हैं । कुछ आंटियां अपने बेटियो के साथ सेल्फी ले रही हैं..और कुछ जानपहचान वाले  पड़ोसियों के संग !
अभी कुछ ही देर हुआ होगा की एक एक कर इन देवियो ने दुर्गा माई की पूजन की, मनत मांगे, अगले वर्ष दुगुने उत्साह के संग मायके से आमंत्रण का विश्वास दिलाया, शीश नवाया, अनजान में हुई गलतियों के लिए कान पकड़ माफ़ी मांगी और परिवार, समाज एवं देश के लिए मंगलमय आशीष की कामना की ।
अभी सब बाहर निकली भी नहीं होंगी की कुछ ने सिंदूर खेलना प्रारंभ कर दिया । एक दूजे के कोमल गालों को सिंदूर से रंगने के उत्साह ने माहौल को रोमांचित कर दिया हैं, कुछ सुन्दर नवयुवतियां बचने की कोशिश मे इधर उधर भागदौड़ कर रही हैं, जिनको मौसी रिवाज और संस्कृति का वास्ता देकर बुला रही हैं। बचने के लिए किये गए संघर्ष को अंततः मुँह की खानी पड़ती हैं जब उसकी प्रिय सखी सिंदूर होली से बचाने का विश्वास दिलाकर पास लाती हैं। फिर अचानक इस कदर आक्रमण करती है कि पहचान पाना मुश्किल… बिल्कुल रक्तपान की हुई भूतनी की भांति..! इस संघर्ष में दोनों का जुड़ा और कपड़े ख़राब होने स्वाभाविक सी बात हैं..! फाइनली एक भूतनी दूसरे को आँख दिखाते हुए कहती हैं “ मणि तुमि एटा थिक नै कोरलांम” ! “चल ठीक ठाक बताने वाली सेनोरिटा, आ गले लग जा” ”  मणि ताड़ा ताड़ी एक्टी सेल्फी ले, तुमार Samsung फ़ोन थेके फ़ोटो भलो आसे“..!
सल्फ़ी और फोटो सेशन जोरो से चल रहा हैं…! धीरे धीरे मादर और ढ़ोलक के थाप की गूंज बढ़ रही हैं..! आखिरकार माँ के विदाई की घड़ी आ ही गयी । इस घड़ी के साथ ही  सारे चहरे खामोश, चेहरे की मुस्कराहट में बादल छा गए । कुछ महिलाएं सिसकना तोह कुछ ने रोना प्रारम्भ कर दिया हैं। मेरे शरीर के रोंगटे खड़े हो चुके हैं, और मुस्कान विलुप्त। हृदय बिरादक पीड़ा के कारण ऐसा प्रतीत हो रहा हैं मानो मैं अपनी बेटी और बहन विदा कर रहा हूँ..! मन भारीपन को महसूस कर रहा हैं…और आँखे रोने का मन बना चुकी हैं..! परंतु फिर वही बात “लड़के रोते नहीं..!”
फाइनली पंडित जी के अगुवाई मे विषर्जन के लिए माँ के प्रतिमा को लेकर आगे बढ़ता हैं। कुछ बच्चे रोड़ पर सोना प्रारंभ कर चुके हैं, जिनके ऊपर से माँ गुजर रही हैं…! मेरी आँखे एकटक और निरीहता पूर्वक ताक रही हैं..! धीरे धीरे मेरी आँखों के सामने से सबकुछ ओझल हो गया..!साथ खड़ी भीड़ भी साथ छोड़ कर जा चुकी थी..! पंडाल के अंदर झाक कर देखा , अब सूनापन मुझे निगल रही थीं। इतने अकेलेपन और तन्हाई को पहली बार मेरे रूह ने महसूस किया था..! कदम भर भी चलने में खुद को असमर्थ पाया। वही धूल से लिपटी ज़मीन पर पालथी मार बैठा ही था कि मेरे नेत्र बहाना प्रारम्भ हो गए जो गालों के उबड़ खाबड़ पथों को पार करते हुए, जमीन पर पड़ रही थीं। बहुत दिनों के बाद निस्वार्थ भाव से दिल से रोने के कारण अद्धभुत सुकून और संतुष्टि का अनुभव कर रहा हूँ..! माँ के सामने में आज भी बालक हूँ, और बालक रूप में माँ के सम्मुख रोने मे भी जो आनंद हैं, वह जीवन की किसी रंग में नहीं…।

बेटी बचाव, बेटी पढ़ाव..। और नारी सशक्तिकरण के वचन के साथ प्रेम से मेरे साथ कहिये….
महिसासुर मर्दिनी दुर्गा माई की जय
जय माता दी…!

PC: Google Image

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3 thoughts on “विदाई का दर्द और सूनापन : रिवाज के विभिन्न रंग (Felling Heart broken and alone at Durga Pandal)

  1. Reaching out across the miles
    just to hope I make you smile!!!
    🎉🌈🌻🎉🎇🙏😀🎈🎁🎉🌄

    Hope you won’t feel lonely anymore, Pawan! Hope you find happiness and joy and love and peace and contentment! Happy New Year!

    Liked by 1 person

  2. Reblogged this on पवन Belala Says❤️ and commented:

    Sakali Tomari Ichha
    Iccha-Mayi Tara Tumi
    Tomar Karma Tumi Karo Ma
    Loke Bale Kari Ami….

    Wishing everyone Shubho #Vijayadashmi
    आसुरी शक्तियों के पराजय के महापर्व ‘विजयदशमी’ के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ।

    झूठछल,पर-स्त्री पर कुदृष्टि,अहंकार और अधर्म की राह पर चलने वालों का अंत रावण जैसा होना अवश्यम्भावी है।
    जय श्री राम 🙏

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