सच में, तुम हमे दीवाना सा आशिक़ बनाती हो…

तेरी उलझीं-उलझें केश,
खुले गीले घुंगराले बाल,
चेहरे पर गिरती लटे,
लटों का उंगलियों संग खेलना,
कान में गिरते लटों को फ़साना,
फिर कुछ देर में दुबारा सा फिसलना,
सच में, तुम हमे दीवाना सा आशिक़ बनाती हो।

नाख़ूनी उंगलियों पर रंगबिरंगी कलाकारी,
मोबाइल पर दौड़ती उंगलियों की रेलगाड़ी,
बाएं कलाई में महीन सा लाल धागा,
पहनी थी छोटी सी घड़ी बड़ी न्यारी,
उसपर दौड़ते-कूदते-फांदते सुई-कांटे,
मैं दे रहा था रूकने-सुस्ताने की दुहाई,
कजरारी मृगनयनी नुकीली आंखे,
लगी थी काजल की कुछ लकीरें,
चेहरे पर उभरता प्यारी सी कातिल मुस्कान,
मैंने लूटा दिया आपपर, अपना सर्वस्व अभिमान,
सच में, तुम हमे दीवाना सा आशिक़ बनाती हो।

मुस्कराहट से बनता गालों में तिलैया-ताल,
मन तैरने को हो रहा निहाल,
हरी-लाल चूड़ियों की खनक और पायल की सुर और ताल,
मन खुलकर मचला हैं, सुनने को तोते-मैना की बात,
रात रात भर नींद कहाँ आती, सपनों में आकर हक़ जमाती,
सच में, तुम हमे दीवाना सा आशिक़ बनाती हो।
दिल में मीठा सा दर्द चुभा, पागल सा कर जाती हो।


पवन बेलाला

Advertisements

21 thoughts on “सच में, तुम हमे दीवाना सा आशिक़ बनाती हो…

  1. लाजवाब पवन जी—-बहुत ही सुंदर—-आपका शब्द आपको अर्पित मेरे तरफ से—-

    तेरा गुस्सा क्या मुश्काना सब कमाल हो गया,
    सच कहते हैं तुमसे यारा,हमको प्यार हो गया।

    तेरी उलझी – उलझी बाल,
    डिम्पल दिखती हँसते गाल,
    मृगनयनी ये तेरी आंखे,
    जैसे झील हो नैनीताल,
    उसमे डूब गया मन मेरा,बेबस जान हो गया,
    सच कहते हैं तुमसे यारा,हमको प्यार हो गया।

    लट का उंगली से सुलझाना,
    जैसे इंद्रधनुष खिल जाना,
    पायल छमछम,चूड़ी खनखन,
    जिसमे खो जाता मेरा मन,
    अब तो नींद नही रातों में,
    ख्वाबों में शासन तेरा है,
    अब हारा अपना अभिमान,तेरा दास हो गया,
    सच कहते हैं तुमसे यारा,हमको प्यार हो गया,

    Liked by 1 person

    1. वाह वाह वाह….
      कमाल कर दिया सर आपने…👌👍
      सच कहते हैं तुमसे यारा, हमको प्यार हो गया…!
      सुंदर गाने की लिरिक्स लिख दी आपने…
      सादर अभिवादन व नमस्कार🙏🙇

      Liked by 1 person

      1. ठीक कहा आपने,अभी अभी जान पड़ा इसे गाया भी जा सकता है।ये आपकी देन है।ना मैं पढ़ता ना विचार आता ना ही लिख पाता।सुक्रिया आपका।

        Liked by 1 person

  2. ट्विट करने के लिए…..किसी को मैसेज देन के लिए… कॉपी पेस्ट विद नाम करने के लिए कुछ ढूंढ रहा था……पर वो तो नहीं मिला…हां ये मिल गया….और बस रंग गया….रंग बिरंगी खूबसूरती इंद्रधुनष सी सजी कविता .और ..भी ..बहुत कुछ ..पर फिलहाल थका हूं.क्लांत हूं…..ज्यादा कुछ नहीं बोल सकता

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s