प्रश्न: गाँव के ऊपर टोला मुहल्ले में नववर्ष की पूर्वसंध्या पर आयोजित लौंडो के तांडव पार्टी की सप्रसंग व्याख्या करिये। नमक मिर्च के साथ लेमन छिड़कने पर अतिरिक्त अंक का प्रावधान हैं.?

उत्तर:  साल 2017 के अंतिम दिनों की गिनती करती, बूढ़ी दिसम्बर का काम अब लगभग तमाम हो चूका हैं। एक एंगल से सोचे तो बढ़िया ही हुआ, बेचारी इस कंकनाती ठण्ड में तर गयी। हरेक त्यौहार की भांति मित्रो का एक समूह महीनों पहले से whatsapp और fb massanger के द्वारा शुभाकामना संदेशो की बमबारी कर रहा हैं। इनमे विपरीत, कई मित्र हिंदुत्व और सनातनी परंपरा की दुहाई देते हुए पाश्चात्यीकरण के प्रभाव वाले भुत को  भगाने के लिए नाना प्रकार के तथ्य व संभावनाए परोस कर आतंकित-विचलित सा कर रहे हैं। सचमुच अब त्यौहारों में मिलजुल कर उत्सव मनाने जैसा कुछ भी नही रहा। शक व अविश्वसनीयता की खाई कितनी चौड़ी हो चुकी हैं न आजकल। हो भी तो क्यों न, नित्य-प्रतिदिन ऑनलाइन इतना ज्ञान जो मिल रहा हैं हुमसबको। कबीर बाबा ने सच ही तो कहा हैं :-

कबीर पढ़ना दूर करु, अति पढ़ना संसार
पीर ना उपजय जीव की, क्यों पाबै निरधार।

इतने वैचारिक जद्दोजहद के वावजूद, अपनी बुढ़िया नानी के खात्मे को सेलिब्रेट करने के लिए मेरे मुहल्ले के लोंडो में विद्यमान सन्नी लियोनी आज की रात में यों यों, बादशाह, मिक्का, रफ़्तार, पवन-सिंग, खेसारी की धून में सवार होकर जवानी का पानी छलकाने को तैयार हैं.| घर-घर से नव वर्ष के नाम पर 10-20-50 के चंदे के रूप में एकत्रित वसूली से एकत्रित धनराशि द्वारा  भाड़े के साउंड सिस्टम में शीला, मुन्नी, लैला, लीला, कमली के बदनामी और जवानी का मजा लूटकर कैलेंडर परिवर्तन का इतिहास लिखा जा रहा हैं। कल तक पूरा मुहल्ला जिन लफुओ को फुटका, गदराईल-जवानी, पेटमधावा, सुदना, मुतरू नाम से चिढ़ाता था, वे आज चेहरे पे आ रही मूछ-दाढ़ी की हल्की-फुल्की रेखाए लिए, मुहल्ले की बिंदु से अपनी किश्मत रेखा खीचने का मन बना चुके हैं… यह जानते हुए कि किश्मत में मामा बनने का कन्फर्म रिज़र्वेसन करवा कर भगवान जी से आये हैं।

शारीरिक रूप से जवान सी हो रही, आज की हमारी नयकी संतति बाबा भोलेनाथ का प्रसाद सेवन कर काले चश्मे के दम पर चंडीगड़-दी-कुड़ियों से दिल लगाने का दावा भी रहे हैं। हां, इनमे से एक बड़े समूह को बेबी का बेस काफी पसंद हैं. । कुछ ठरकी टाइप के रांझे हुडदंग के संग मोदीजी से अपनी पुरानी मांग दोहरा रहे हैं कि नए साल में कम से कम हफ्ते में 4 शनिवार तो होनी ही चाहिए, वरना 2019 में देख लेंगे।

लोलीपाप चूसने वाले कल के दुधमुहे, मुझे देखकर पवन सिंह के भोजपुरी गानों की डिमांड मेरा नाम अर्थात पवन बेलाला लेकर करते हुए…बर्फ के पानी और लोलीपॉप लागेलु का DJ वर्शन बजाने के लिए DJ वाले बाबू से रिक्वेस्ट कर रहे हैं: डीजे वाले बाबू… तनिक खेसारी, पवन वाला गाना बजा दे… वॉल्यूम बड़ा दे… फलाना को बेबी का बेस पसंद हैं..।

आज नववर्ष के उपलक्ष्य पर सरितवा, संजू, मोनिका जैसी डयूडनीयों के इन आशिकों को एकजेक्टली मध्यरात्रि में सर्वप्रथम विश करने का टेंशन खाए जा रहा हैं… सोना बाबू गुस्सा गयी तोह फिर सैया से पाहिले हमार रहलू गाना न पड़ जाय। ई तेरी के… इन  वेवफा सनम टाइप की नेटवर्क सेवा देने वाली ये मोबाइल कंपनियां…मन अकुलिया जाता हैं न । जियों के मुफ्तखोरी से तोबा करके कइयों ने तो मम्मी का एयरटेल सिम युक्त छुटकू सा मोबाइल ही ढाप कर अपने पास रख लिए हैं…इस डर से कोशों दूर कि सुबह जीरो बैलेंस का राग सुन चप्पलियाती माताश्री का कौपभाजक भी बनना पड़ेगा…. इस लतखोर बेटुआ को।

ये क्या रात की जवानी ने अभी-अभी किशोरावस्था त्याग कर गदराना प्रारंभ ही किया था कि चमकीले पारायुक्त थर्मामीटर का समाजवादी चरित्र अखिलेश की भाति चाचा शिवपाल और पापा मुलायम से बगावत कर विधानसभा चुनाव में सीटो की संख्या सा गिरना स्टार्ट होते ही, मेरे से छोटे-बड़े-हमउम्र कइयों ने बीड़ी-सिगरेट का चिमनी जलना स्टार्ट कर दिया… और हवा में कश छोड़ते हुए जोर जोर से गाने लगे

बीड़ी जलईले ज़िगर से पिया, ज़िगर में बड़ी आग हैं…!

कई टल्ली हो चुके मेरे हमउम्र मेरा हाथ बारम्बार खीच-खीच कर टल्ली होने और ठुमके के लिए न्योता दे रहे हैं.| निरहुआ, रविकिशन और पवन सिंह की इस टोली में, मैं अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा के खोने और रोने का ढोंग बखूबी करते हुए बाबूजी के चप्पल शॉट के खोफ़ वर्णन करते हुए हाथ छुड़ाने की असफल सी कोशिश अबतक रहा हूँ। और वे निदा फ़ाज़ली के शब्दों को अपने लड़खाराते जबान से दुहरा रहे हैं :

कुछ भी बचा न कहने को, हर बात हो गई..,
आओ कहीं शराब पिएँ, रात हो गई..!

अब ये हाथ छोड़ ही नही रहे, तो आगे कैसे लिखू…। अब जा रहे हैं, ठुमका लगाने….! अन्दर से बहुत डान्स आई रहा हाई !


© Pawan Belala 2018


 

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2 thoughts on “प्रश्न: गाँव के ऊपर टोला मुहल्ले में नववर्ष की पूर्वसंध्या पर आयोजित लौंडो के तांडव पार्टी की सप्रसंग व्याख्या करिये। नमक मिर्च के साथ लेमन छिड़कने पर अतिरिक्त अंक का प्रावधान हैं.?

  1. ये पंकितयां–किस्मत में मामा बनने का कन्फर्म रिजर्वेशन कराके आये हैं।😂😂😂😂😂
    मजा आ गया,कुछ अलग पढ़ने को मिला।

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