प से पवन और ब से बेलाला..!

मैं पवन हूँ….!!

एक गणित और सांख्यकी का विद्यार्थी, Formulas तथा Equations से फुरसत निकाल कर लिख लेता हूँ… कही भी, कभी भी और कुछ भी..आत्मिक सुकून की अदभुत चाह में और स्वार्थ तथा यश के मोह के पहुँच से कोशो दूर, एक बंधन मुक्त पक्षी की भांति….
दिमागी प्रयोगशाला(Laboratory) से, विचारो की पुस्तकालय(Library) के रूप में…!

नदी के किनारा हो या सड़क स्थित फुटपाथ,
केरोसिन से जलती ढ़िबरी की लौऊ हो या डिवाडर के स्ट्रीट लाइट की चकाचोंध रोशनी,
अलाव की गर्मी हो या पीपल-बरगद के छाव की शीतलता,
शादी का मंडप हो या मृत्यू की शय्या,
लकड़ी का टुकड़ा हो या धूल की ढ़ेर,
गीली मिट्टी पर भी मेरी कलम सरपट दौड़ती हैं..!
माँ सरस्वतीं के इस पुत्र की लेखनी, अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त करती हैं..हमारे आसपास की दुनिया की उन छोटी-छोटी बातो पर, जो चुम्बक की भांति आकर्षित करती हैं, अपनी ओर हम सबको… परंतु भौतिकतावाद के बेड़ियो से जकड़े हमारे कदम चाह कर भी बढ़ने से पहले ही थम जाते हैं…!
पता नहीं मैं किस हद तक सफलता का रसास्वादन कर पाऊँगा, परंतु आप विश्वास करे ……
‘मेरी कोशिश गंगा के पानी की तरह निर्मल हैं.. और विचार गंगोत्री समान मेरे हृदय की गहराइयों से प्रवाहित, विशुद्ध और खाटी, गांव के मिट्टी के सौंधापन और बच्चों की कोमलता को समेटे…!’

हिंदी मेरी मातृभाषा ही नहीं, मेरी माँ हैं…… और गणित मेरे पिताश्री का प्रिय विषय….!                                             जिनसे मेरी ईश्वरीय आराधना का आरंभ और अंत होता हैं…!
हिंदी मुझमे,  मेरे डीएनए (D.N.A.) तत्व के रूप में विद्यमान हैं..!
मैं (a+b)^2 को विस्थापित कर (क+ख)^2 या (अ+आ)^2 के रूप में हिंदी और गणित के लोकप्रियकरण का सपना लेकर संगर्ष पथ पर गतिमान हूँ..!

आइये आप भी मेरे साथ जुड़िये, हिंदुस्तान को हिन्दीमय करने के मुहीम में..!
कुछ लिखिए और बहुत कुछ भेट कीजिये आज और कल को..!
अपनी भाषा में, कविता, कहानी, लेख और प्रवचन के रूप में…!
चाहे किसी भी क्षेत्र या व्यवसाय से आपका नाता क्यों न हो…?
उत्साहवर्धन करते रहे, साथ देते रहे, मान भरते रहे–हरेक ईमानदार प्रयास का..!

और पढ़ते रहे……! हृदय को मर्म-स्पर्श करके रोम रोम को पुलकित करने वाली साहित्यिक रचनायें..!
आपके उँगलियों से Internet Browser के स्क्रीन पर Address Box में  टाइप होने को लालायित..

http://www.pawanbelalasays.wordpress.com

 

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19 thoughts on “प से पवन और ब से बेलाला..!

  1. Hi, Pawan! I think your background is very interesting. Thanks for telling it, for I’ve learned about places and languages I’ve not come across before. And thank you for joining me in reading my writings. I appreciate that. Wishing you a happy and wonderful transition into the new year and all good things it holds in store for you!

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  2. Thank you so much for visiting my blog! I’m glad you enjoyed my posts. I wish I could read more of yours! My translation tool is acting up. Hopefully it will start working and I can come back to read 🙂

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  3. आपके बैकग्राउंड के बारे में पढ़कर बहुत अच्छा लगा… आपने सब कुछ बिलकुल मक्खन की तरह लिख दिया है| कहीं कहीं मुझे अपनी कहानी की एक झलक भी महसूस हुई| आपकी ये कलम की ताकत लाजवाब है… और ये हिंदी को बढ़ावा देने वाला कदम भी सराहनीय है|

    पता नहीं मेरे सामने ये ब्लॉग पहले क्यूँ नहीं आया| आपने ये ब्लॉग बहुत अच्छी तरह कस्टमाइज किया हुआ है… लेकिन पता नहीं क्यूँ अन्य ब्लोग्स/साइट्स की तुलना में ये इतना धीरे क्यूँ खुलता है|

    खैर जो भी है… आपने हिंदी ब्लॉग्गिंग की दुनिया में एक तरह की मिसाल कायम की है… आपका अभिनन्दन!

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  4. Thank you for visiting my blog and liking some of the posts there. I would like to read more of your posts but the translator is not co-operating today . I will come back another time. Best wishes to you.

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  5. Hi Pawan, you are a talented and qualified person for what I read here and therefor I admire you! Unfortunately, I don’t understand your language and I can not translate it, but I like some of your pictures.
    Regards, Heidi

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