पलक की कहानी: पलक की जुबानी


प्रिय पाठकों, प्रस्तुत कड़ी में मैं विभिन्न विद्यालयों के भिन्न-भिन्न कक्षाओं में अध्ययन कर रहे बच्चों की स्वलिखित आत्मकथा आप संग साझा करूँगा। मेरा मानना हैं कि प्रत्येक बच्चा अपने आप मे अद्वितीय है। उसकी क्षमताओ को परीक्षा में प्राप्त चंद अंको में नहीं मापा और समझा जा सकता। चलिए, इन बच्चों संग अपनी बचपन की सैर करते हैं…. मेरा नाम पलक हैं… पलक कुमारी। … Continue reading पलक की कहानी: पलक की जुबानी

Are you happy now?


विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2019, संयुक्त राष्ट्र के लिए सतत विकास समाधान नेटवर्क द्वारा 20 मार्च को जारी की गई। इस तिथि को संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय खुशी का दिन घोषित किया है।आय, स्वतंत्रता, विश्वास, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, सामाजिक सहायता और उदारता : जैसे छह प्रमुख अवयवों का समर्थन करने वाले 156 देशों को विभिन्न स्थानों पर शुमार किया है। लगातार दूसरे वर्ष सबसे अधिक खुश … Continue reading Are you happy now?

ये खबर छपवा दो अखबार में, पोस्टर लगवा दो बाजार में…


अपने यहाँ आजकल नेताजी लोग जनता के लिए सुबह से लेकर शाम तक, शाम से लेकर रात तक, रात से लेकर सुबह तक और सुबह से फिर शाम तक बस यही गाना गुनगुना रहे हैं… क्यों पैसा पैसा करती है क्यों पैसे पे तू मरती है क्या बात है क्या चीज़ है पैसा क्या बात है क्या चीज़ है पैसा एक बात मुझे बतला दे … Continue reading ये खबर छपवा दो अखबार में, पोस्टर लगवा दो बाजार में…

प्रेम क्या है ?


कहते हैं, प्यार तारीखों का मोहताज नहीं होता… फिर भी प्यार करने वालो के लिए फरवरी खास होता है। वैसे तो प्यार पर आज सोशल मीडिया पर बहुत लोगों ने बहुत कुछ लिखा। तरह-तरह के मीम, जॉक्स, कविता, कहानी, इज़हार, रार-इक़रार की बाढ़ सी आयी हुई हैं, ऊपर से मातृ-पितृ दिवस मनाने वालों और बजरंग दल के लठीधारियों का अपना अलग ही स्वैग हैं। इन … Continue reading प्रेम क्या है ?

वसंत आया


आज मनुष्य का प्रकृति से रिश्ता टूट गया है। वसंत ऋतु का आना अब अनुभव करने के बजाय कैलेंडर की तारीखों से जाना जाता है। जनवरी-फ़रवरी के तोतलेबाजी में अमावास्या, एकादशी और पूर्णिमा के सामान कई विशेष दिन, माह और ऋतु हमारे लिए महत्वविहीन से हो चले हैं। दादा नाना के पञ्चाङ्ग को हमारे मोबाइल ने घर से बाहर का रास्ता दिखाया हैं। ऋतुओं में … Continue reading वसंत आया

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इश्क की गाथा इतिहास बन जाये।


हवा में कल वाली बात नहीं सुहाने लम्हों का आज साथ नहीं गजलों में हकीकतों का हिसाब नहीं परवाह करने वाले ही जब पराये हो फिर सावन-भादों में भी बूंदो की प्यास नहीं। मुसाफिरों सी टकराहट हुई थी होठों पर हंसी की मिलावट हुई थी दोस्ती की रूह पर, भरोसे की सजावट हुई थी मोहब्बत, पाकीजा, दीवानगी, सादगी, हुस्न, कशिश, दिलकश, हया, इबादत… जाने कितने … Continue reading इश्क की गाथा इतिहास बन जाये।

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चुनावी सर्दी में दलित बजरंगबली


“बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी हैं, निवासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं. भारतीय समुदाय को उत्तर से लेके दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक, सबको जोड़ने का काम बजरंगबली करते हैं।” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा अलवर जिले के मालाखेड़ा की एक चुनावी रैली में बड़बोले बयान के बाद सोशल मीडिया पर भूकंप और मुख्यधारा की मीडिया में सुनामी … Continue reading चुनावी सर्दी में दलित बजरंगबली

मनाही हैं !


कई साल बीते, कुछ महीने छूटे, सप्ताह-दिनों की तो आनी जानी हैं। जीवन के उस अधूरे हिस्से में आज भी, सबके आने की मनाही हैं। सावन-भादो सब बीत गया, होठों पे मुस्कान बेमानी हैं। आम पीपल सब ठूंठ हो गए, नदी रेत से मांगे पानी हैं। सिसकतीं ख्वाइशे, तन्हाई और रुसवाई में, चर्चाओं का चनाचूर गरम हैं। महफ़िलो में सुकून-ए-दिल भी बेंच, रात की आहटों … Continue reading मनाही हैं !

रावण Laughing@दशहरा


#hehahaha…. 🙂 🙂 खुश तो बहुत हो रहे होंगे साल दर साल मेरी बड़ी- बड़ी पुतलो को आग लगा कर के…फूंक के ! कितना प्रदूषण करते हो… वायु, ध्वनि से लेकर आकाश तक के निर्मलता को दूषित कर देते हो…  हां हुई थी मुझसे पाप एक दफा, बहन के अपमान से तिलमिलाकर, जिस पाप की सजा मे, मैं हर साल जल रहा हूँ..!  जो पाप अब तुम्हारे यहाँ fashion … Continue reading रावण Laughing@दशहरा