Dr. Kalam & World Students’ Day


“All Birds find shelter during a rain. But Eagle avoids rain by flying above the Clouds. Problems are common, but attitude makes the difference!!!” ― Dr. APJ Abdul Kalam Dear readers, Today is the birth anniversary of former President of India, great teacher and eminent scientist Bharat Ratna Dr. Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam (15 October 1931 – 27 July 2015) sir. I pay my … Continue reading Dr. Kalam & World Students’ Day

हिंदी Vs भारतीय भाषाएँ एवं बोलियां


टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित आलेखानुसार 2011 के जनगणना के आधार पर हिंदी बोलने वाले लोगों में 2001 में 41.03 फीसदी की तुलना में 2011 में इसकी संख्या बढ़कर 43.63% हो गई है। भारत में दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बंगाली हैं। तेलगू को तृतीय पायदान से अपदस्त कर, मराठी ने आकड़ो में काफी उलटफेर कर बाजी अपने नाम कर ली हैं। संविधान … Continue reading हिंदी Vs भारतीय भाषाएँ एवं बोलियां

मंगल ग्रह में रामचरित मानस का पाठ और भगवान जी की कथा का आयोजन…


विकिपीडिया के पन्नो को अपने वायरलेस माउस की मदद से स्क्रोल कर ऊपर-नीचे कर ही रहा था कि कई चिर अपरिचित तथ्यों से अवगत हुआ। अपने अतीत के खट्टी-मीठी-नमकीन कुरकुरी यादों को मठमैले से हो चुके इतिहास के पन्नो में समेटा हमारा देश भारत अबतक लाखों शरद-बसंत को जीकर शीत की ठहरी सी रातों में ठिठुर चूका हैं । जननी व जन्मभूमि से सम्बोधित होने … Continue reading मंगल ग्रह में रामचरित मानस का पाठ और भगवान जी की कथा का आयोजन…

WordPress Notification:A Reason for Celebration


It’s time to say a very special Thanks and showing my heartfelt gratitude towards individual, who are the reasons of my blogging i.e. My beloved readers…. जी हाँ, 500 का आंकड़ा… फॉलोवर्स के मामले मे आपका फ़ेवरेट ब्लॉग पाचवीं शतक लगा चूका है। हालांकि कहने को तो वर्डप्रेस…. आप पाठको को फ़ॉलोअर्स मानता हैं, किन्तु वस्तुतः हरेक पाठक व्यक्तिगत तौर पर मेरा मित्र हैं।और जो … Continue reading WordPress Notification:A Reason for Celebration

क्योंकि, मैं पवन हूँ !


तेरी मेरी की बिसात बिछ चुकी हैं…. मरने मारने की कसमे भी खा चुके हैं सब.. ये ना सपनो की लड़ाई है.. ना विचारों का, ये ना वादों का युद्ध है…. ना परिवर्त्तन का, ये ना कल्याण का युद्ध हैं और न ही मानव उत्थान का..! ये तोह बस अहम् की लड़ाई हैं, ये युद्ध हैं अपनी झूठी शान दिखाने का … ये महाभारत हैं.. … Continue reading क्योंकि, मैं पवन हूँ !