मामा होने और मामा बनने में व्याप्त फर्क… ?


इश्क़ ने ‘ग़ालिब’ निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के… –मिर्ज़ा ग़ालिब हे…प्रेम, इश्क़, मोहब्बत, प्रीत-सम्मोह, चाह-प्रणय पर दोहे, कविता, ग़ज़ल और गीत की किताब छापने वाले देवियो और सज्जनों, आपके ध्वनि, गुणीभूत व्यंग्य और चित्र युक्त मुक्तक पद्य जिस प्रेम परीक्षा में सब्जेक्टली फ़ैल होने के उपरांत उत्पन्न पक्ष के वर्णन में असफल रहे हैं। उसे सरितवा और मंजुआ के लिए … Continue reading मामा होने और मामा बनने में व्याप्त फर्क… ?

माई की महिमा और स्वामी विवेकानंद


ऐसे माँ की महिमा से कौन अपरिचित होगा ? इस चराचर जगत में पशु-पक्षी समेत सभी जीवजंतु व पादप अपने वाचिक व सांकेतिक क्रियाकलापों द्वारा अपने जननी के प्रति प्रेम का उद्गार करते हैं। मेरे मतानुसार माँ की महिमा को शाब्दिक वर्णन में बांधने की असफल कोशिश से बेहतर हैं कि महसूस किया जाय। आज गूगल सर्च बॉक्स पर माँ की महिमा (maa ki mahima) … Continue reading माई की महिमा और स्वामी विवेकानंद

बेचारे Uncle चच्चा बन गए..


अपने छुटकू से शहर में, आज फिर अनजान-पहचान से गलियों में मंजिल की फ़िक्र के बिना पथिक रूपेण भटकने निकला था…मैं! अभी कुछ ही दूर, मुझे नंगे पैर मैली-कुचली यूनिफॉर्म और कांधे पर झोला लटकाये स्कूल से आते छोटे-मोटे हँसते खिलखिलाते नन्हे नटखटो की टोली दिखाई दी, जो सरकारी स्कूल रूपी कैदी खाने से मुक्त हो कर बाहर ही निकले थे…। उनको देखकर मे कुछ … Continue reading बेचारे Uncle चच्चा बन गए..

पियवा से पहिले हमार रहलू 😍


ऐ सुनों न… याद करा जहिया कुंआर रहलू, पियवा से पहिले हमार रहलू 😍 आजकल हमने ये गाना न… गुनगुनाना छोड़ ही दिये हैं…कसम से, बाथरूम में भी नहीं गाते। हां, और हम क्यों और कितना छाती पीट पीटकर गुनगुनाये दर्द से ओवरफ्लो हो चुके इस बेदर्दी गाने को। तुम तो शादी के बाद बिल्कुल ही भूल गई हमको, काश हम भी ऐसा कुछ कर … Continue reading पियवा से पहिले हमार रहलू 😍

शिक्षक और छात्र के मध्य कैसे सम्बन्ध होने चाहिए ?


शिक्षक और छात्र के मध्य कैसे सम्बन्ध होने चाहिए ? मेरे मतानुसार, “एक शिक्षक के लिए, छात्र उसका भगवान हैं, जिसे समाज ने छात्र में विद्यमान तमाम दैवीय शक्तिओ से आत्म साक्षात्कार करने हेतु विद्यालय रूपी मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले पुजारी की भांति नियुक्त किया हैं. जिस प्रकार वेदों में देवताओं की संख्या 33 कोटी बताई गई है और हरेक देवता स्वयं में अद्वितीय भूमिका … Continue reading शिक्षक और छात्र के मध्य कैसे सम्बन्ध होने चाहिए ?

पापा, कल से पढ़ता हूँ ना..


दिसंबर का शुभागमन हो चूका हैं.. जनवरी में आरंभ हुआ अपना यह साल भी फ़रवरी में इश्क़ मोहब्बत फरमाकर नवंबर-दिसंबर के शादी-समारोह की बाढ़ में मदहोश बहता हुआ अपनी आखरी बचे दिनों की गिनती कर रहा हैं..! अपने कुँवारे सेना की अपनी एकलौती टुकड़ी में नित्यप्रतिदिन कई सेना अपनी सोना बाबू के लिए अग्नि के फेरो में नेहाल हो रहे हैं, नई-नवेली दुनिया में कदम … Continue reading पापा, कल से पढ़ता हूँ ना..

एक बच्चा स्कूल जा रहा हैं…


पीठी पर लादा भारी बस्ता, हाथ में टांग टिफिन बक्शा, मैले-कुचले कपड़ों और धुलसने जूतों में भी बेपरवाह, अलसाई धुंध से निकलकर, भागते अटपटे कदमों संग, एक बच्चा स्कूल जा रहा हैं। खट्‌मिट्ठी इमली का स्वाद, नीम की निबोलियों की महक, सरसों के पीले फूल और चिड़ियों की चहक, माँ के घोंसले का वात्सल्य त्याग, उदास खंडहर सा मुँह बना, एक बच्चा स्कूल जा रहा … Continue reading एक बच्चा स्कूल जा रहा हैं…