Dr. Kalam & World Students’ Day


“All Birds find shelter during a rain. But Eagle avoids rain by flying above the Clouds. Problems are common, but attitude makes the difference!!!” ― Dr. APJ Abdul Kalam Dear readers, Today is the birth anniversary of former President of India, great teacher and eminent scientist Bharat Ratna Dr. Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam (15 October 1931 – 27 July 2015) sir. I pay my … Continue reading Dr. Kalam & World Students’ Day

भारत में साक्षरता और शिक्षा व्यवस्था का पोस्टमार्टम रिपोर्ट 2018


2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में सात वर्ष और उससे अधिक उम्र के व्यक्ति जो किसी भी भाषा में समझ के साथ पढ़ और लिख सकते हैं, साक्षर माना जाता है। जो व्यक्ति केवल पढ़ सकता है लेकिन लिख नहीं सकता, साक्षर नहीं है। इसके अतिरिक्त, एक व्यक्ति को साक्षर के रूप में दर्जा प्राप्ति हेतु कोई औपचारिक शिक्षा या न्यूनतम योग्यता प्राप्त करने … Continue reading भारत में साक्षरता और शिक्षा व्यवस्था का पोस्टमार्टम रिपोर्ट 2018

मामा होने और मामा बनने में व्याप्त फर्क… ?


इश्क़ ने ‘ग़ालिब’ निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के… –मिर्ज़ा ग़ालिब हे…प्रेम, इश्क़, मोहब्बत, प्रीत-सम्मोह, चाह-प्रणय पर दोहे, कविता, ग़ज़ल और गीत की किताब छापने वाले देवियो और सज्जनों, आपके ध्वनि, गुणीभूत व्यंग्य और चित्र युक्त मुक्तक पद्य जिस प्रेम परीक्षा में सब्जेक्टली फ़ैल होने के उपरांत उत्पन्न पक्ष के वर्णन में असफल रहे हैं। उसे सरितवा और मंजुआ के लिए … Continue reading मामा होने और मामा बनने में व्याप्त फर्क… ?

माई की महिमा और स्वामी विवेकानंद


ऐसे माँ की महिमा से कौन अपरिचित होगा ? इस चराचर जगत में पशु-पक्षी समेत सभी जीवजंतु व पादप अपने वाचिक व सांकेतिक क्रियाकलापों द्वारा अपने जननी के प्रति प्रेम का उद्गार करते हैं। मेरे मतानुसार माँ की महिमा को शाब्दिक वर्णन में बांधने की असफल कोशिश से बेहतर हैं कि महसूस किया जाय। आज गूगल सर्च बॉक्स पर माँ की महिमा (maa ki mahima) … Continue reading माई की महिमा और स्वामी विवेकानंद

हिंदी Vs भारतीय भाषाएँ एवं बोलियां


टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित आलेखानुसार 2011 के जनगणना के आधार पर हिंदी बोलने वाले लोगों में 2001 में 41.03 फीसदी की तुलना में 2011 में इसकी संख्या बढ़कर 43.63% हो गई है। भारत में दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बंगाली हैं। तेलगू को तृतीय पायदान से अपदस्त कर, मराठी ने आकड़ो में काफी उलटफेर कर बाजी अपने नाम कर ली हैं। संविधान … Continue reading हिंदी Vs भारतीय भाषाएँ एवं बोलियां

Sticky post

सुबह-ए-उद्यान (Live From Park)


‘उफ्फ… थक गया यार।‘ पार्क के किसी किनारे पर खाली पड़े कुर्सी पर पसरता, मैं मन ही मन बड़बड़ाते हुए माथे पर छलके पसीने को हाथों से निचोड़ा। पेंट के दाएं पॉकेट की जीप खोल पॉकेट से मोबाईल निकाला। तर्जनी स्पर्श द्वारा मोबाईल पाश खोलने के उपरांत…गूगलवा का कनिष्ट एप्प पुत्र गूगल फिट पर हथोड़ा रूपी अंगुष्ठ प्रहार किया, परिणामस्वरूप एक चीत्कार संग कुछ आकड़े … Continue reading सुबह-ए-उद्यान (Live From Park)

‘राखी’ / सुभद्राकुमारी चौहान


झाँसी की रानी कविता की रचना द्वारा राष्ट्रीय चेतना की चिंगारी लगानेवाली, हिन्दी की सुप्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान जी की एक काव्य-रचना भाई-बहन के मध्य स्थापित अटूट रिश्ते को समर्पित ‘राखी’ रचना…विदा लेते सावन की फुलझड़ियों संग आपसे साझा कर रहा हूँ… भैया कृष्ण ! भेजती हूँ मैं राखी अपनी, यह लो आज। कई बार जिसको भेजा है सजा-सजाकर नूतन साज।। लो आओ, … Continue reading ‘राखी’ / सुभद्राकुमारी चौहान

मौत से ठन गई…


२०वी शताब्दी के अंतिम दशक में पले-बड़े युवाओं ने राष्ट्पति के रूप में कलाम और प्रधानमंत्री के रूप में वाजपेयी जी के दिव्य नेतृत्व में भारतीय राजनीति का स्वर्ण काल जीया हैं। हमारे झारखण्ड राज्य के गठन कर्ता शिल्पकार अटल जी के प्रति, हम झारखंडियों में अपार श्रद्धा हैं। राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी … Continue reading मौत से ठन गई…

आज़ादी अभी अधूरी है…


‘तहत्तर(₹70) रुपिया में आधा किलो…भाईया’ रंगबिरंगी पोशाकों में सज स्कूल जाते बच्चों को निरीह आँखों से निहारते इस मासूम ने तुतलाते हुए कहा। 72वे स्वतंत्रता दिवस के विहान में अभी कुछ ही देर में एक अल्पसंख्यक संम्पन्न वर्ग, खूब फलाना-ढिमका तरीकों से देश के कायाकल्प की खूब बकचोदी पेलते हुए उपलब्धियाँ की गिनती गिनायेगा और हमलोग ताली पीटेंगे। परंतु, साहेब… हमें आज भी 1, 2, … Continue reading आज़ादी अभी अधूरी है…

खैनी-चूना सा ये इश्क़ हैं… 💓


बड़े-बड़े नामी डाकटर साहेब लोग अकसर यह लैक्चर बकते पाए गए हैं कि तंबाकू-चूने के मिश्रण को होठों और गालों के अंदर चुटकी में भर कर दबाने की आदत मुंह के कैंसर को दवात देती हैं। अब देखो दादा, हमने कोनों रिसर्च या MBBS तो किया नही हैं, न ही मुझे सरकार के ‘ये मुकेश हैं‘ वाले विज्ञापनी दावों पर प्रश्नचिन्ह लगा कर चक्की पिसिंग … Continue reading खैनी-चूना सा ये इश्क़ हैं… 💓